Buddha Purnima 2026: क्या है महत्व, इतिहास और भगवान गौतम बुद्ध के उपदेश | हिंदी में पूरी जानकारी
नई दिल्ली, 1 मई 2026। आज पूरे देश और दुनिया में Buddha Purnima श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। यह दिन भगवान Gautama Buddha के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि) और महापरिनिर्वाण—तीनों घटनाओं की याद में मनाया जाता है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। 📜 इतिहास और महत्व बुद्ध पूर्णिमा का इतिहास 2500 वर्ष से भी अधिक पुराना है। भगवान गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था। उन्होंने मानव जीवन के दुखों का कारण और उनके समाधान को समझने के लिए गहन तपस्या और ध्यान किया। बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ, जिसके बाद वे “बुद्ध” यानी “जागृत” कहलाए। यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि जीवन में सच्चा सुख बाहरी चीजों में नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और संतुलन में निहित है। 🧘 बुद्ध के उपदेश: जीवन का मार्गदर्शन भगवान बुद्ध के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों साल पहले थे। उन्होंने जीवन जीने का सरल और व्यावहारिक मार्ग बताया: अहिंसा (Non-violence): किसी भी जीव को हानि न पहुंचाना करुणा (Compassion): दूसरों के प्...