AAP में कोहराम: संजय सिंह ने 7 सांसदों को अयोग्य ठहराने की उठाई मांग, क्या राघव चड्ढा की सदस्यता जाएगी? जानें क्या है 'राइट टू रिकॉल' का पेंच!
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| बीजेपी में शामिल हुए 7 सांसदों के खिलाफ संजय सिंह ने मोर्चा खोला, उपराष्ट्रपति से की अयोग्य ठहराने की मांग। |
नई दिल्ली (वन भारत न्यूज़): आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान ने अब कानूनी रूप ले लिया है। राघव चड्ढा, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल समेत 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद, AAP अब इन पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लगी यह सेंधमारी पार्टी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
संजय सिंह का कड़ा रुख: 'असंवैधानिक है सांसदों का इस्तीफा'
पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वे इस मामले में राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखेंगे। संजय सिंह ने स्पष्ट किया, "इन सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह असंवैधानिक और संसदीय नियमों के विरुद्ध है। हम इन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे।"
क्या कहता है दल-बदल विरोधी कानून?
संजय सिंह ने तर्क दिया कि दल-बदल विरोधी कानून के अनुसार, राज्यसभा या लोकसभा में किसी अलग गुट को मान्यता नहीं दी जा सकती, भले ही उसमें दो-तिहाई सदस्य शामिल हों। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को "गैरकानूनी" करार दिया है।
राष्ट्रपति से मिलेंगे भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी 'राइट टू रिकॉल' (Right to Recall) के प्रावधान पर चर्चा करना चाहती है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान संविधान में राज्यसभा सांसदों के लिए ऐसा सीधा प्रावधान नहीं है।
यह खबर राजनेताओं के बयानों, सूत्रों और राजनीतिक घटनाक्रम पर आधारित है। 'One Bharat News' केवल जानकारी साझा कर रहा है और किसी भी कानूनी परिणाम की पुष्टि नहीं करता है।
